श्रीमद्भागवत और धर्म –
जीवन को सही दिशा दिखाने वाली एक अनूठी और तर्कपूर्ण आध्यात्मिक कृति
पुस्तक के बारे में (About the Book): नरेन्द्र बहादुर सिंह द्वारा लिखित और वरिष्ठ साहित्यकार व प्रकाशक पण्डित छतिश द्विवेदी ‘कुण्ठित’ द्वारा संपादित पुस्तक ‘श्रीमद्भागवत और धर्म’ (प्रकाशक: स्याही प्रकाशन) धर्म को एक बेहद अनूठे, आधुनिक और नवीन दृष्टिकोण से परिभाषित करती है। यह पुस्तक केवल पारंपरिक व्याख्या नहीं है, बल्कि यह सनातन ज्ञान को तार्किक और व्यावहारिक रूप में आज के समाज के सामने प्रस्तुत करती है।
पुस्तक की मुख्य विशेषताएं (Key Features):
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तार्किक और अनूठा दृष्टिकोण: लेखक नरेन्द्र जी ने शुकदेव जी और परीक्षित जी के मध्य हुए महान पौराणिक कथा संवाद से अनुभूत आध्यात्मिक तथ्यों का गहराई से विवेचन किया है। ग्रंथ में कही गई बातों और उससे समझे गए आध्यात्मिक सत्यों पर कई तर्कपूर्ण प्रश्न प्रस्तुत किए हैं, जो पाठक की वैचारिक चेतना को जाग्रत करते हैं।
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सत्य और विरोधाभासों की पहचान: यह पुस्तक धर्मग्रन्थ में व्यक्त किए गए विरोधाभासों और उसकी वास्तविक अच्छाइयों को निष्पक्षता से पहचानने की एक नई और स्पष्ट दृष्टि प्रदान करती है।
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जीवन के पहलुओं का व्यावहारिक बोध: यह कृति जीवन के सबसे महत्वपूर्ण पहलुओं जैसे—सही और गलत, उचित और अनुचित, अच्छा और बुरा, मानवीय व अमानवीय, तथा हितकारी व अहितकारी के सूक्ष्म अंतर को बेहद सरल और प्रभावी ढंग से समझाती है।
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कुशल व वरिष्ठ संपादन: इस अमूल्य ग्रंथ का अत्यंत सटीकता से संपादन प्रतिष्ठित वरिष्ठ साहित्यकार पण्डित छतिश द्विवेदी ‘कुण्ठित’ जी द्वारा किया गया है, जिसने पुस्तक की गरिमा और साहित्यिक मूल्य को और अधिक समृद्ध कर दिया है।
यह पुस्तक किसे पढ़नी चाहिए? यदि आप श्रीमद्भागवत महापुराण के आध्यात्मिक रहस्यों को केवल श्रद्धा से ही नहीं, बल्कि तर्क, बुद्धि और विवेक की कसौटी पर परखकर समझना चाहते हैं, तो यह पुस्तक आपके लिए एक अनिवार्य मार्गदर्शिका है। यह आधुनिक पीढ़ी और आध्यात्मिक जिज्ञासुओं के सभी संशयों का निवारण करने में सक्षम है।
उत्पाद विवरण (Product Details):
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लेखक: नरेन्द्र बहादुर सिंह (Narendra Bahadur Singh)
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संपादक: पण्डित छतिश द्विवेदी ‘कुण्ठित’ (Pandit Chhatish Dwivedi ‘Kunthit’)
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प्रकाशक: स्याही प्रकाशन (Syahi Prakashan)
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भाषा: हिंदी (Hindi)
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श्रेणी: अध्यात्म, धर्म और दर्शन (Spirituality, Religion & Philosophy)








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