ग्रन्थ का नाम: मानस तत्व ज्ञान एवं जीवन दर्शन — भाग एक
लेखक: परम पूज्य संत श्री त्रिभुवन दास ब्रह्मचारी जी
प्रधान संपादक: पण्डित छतिश द्विवेदी ‘कुण्ठित’
प्रकाशक: स्याही प्रकाशन
संस्करण: प्रथम संस्करण
प्रारूप: पेपरबैक
“मानस तत्व ज्ञान एवं जीवन दर्शन — भाग एक” एक आध्यात्मिक मणिकंचन ग्रंथ है, जिसमें परम पूज्य संत श्री त्रिभुवन दास ब्रह्मचारी जी द्वारा श्रीरामचरितमानस के गूढ़ तत्वों का सहज, सरल और सारगर्भित व्याख्यान प्रस्तुत किया गया है। यह ग्रंथ केवल कथा नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला सिखाने वाला गहन धार्मिक-दार्शनिक दर्शन है। यह पुस्तक मानस प्रेमियों, साधकों और उन सभी जिज्ञासुओं के लिए अमूल्य निधि है, जो श्रीरामचरितमानस को केवल ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन-दर्शन मानते हैं। संतश्री की वाणी से निकले भगवान श्रीराम के जीवन के दिव्य तत्वों की व्याख्या आत्मा को स्पर्श करती है। लेखक परिचय: जैसे धर्म की स्थापना हेतु प्रत्येक युग में भगवान अवतरित होते हैं, वैसे ही सद्गुरु भी समय-समय पर इस धरती पर जनमानस को सत्य, प्रेम और भक्ति का मार्ग दिखाने के लिए अवतरित होते हैं। परम पूज्य गुरुदेव श्री त्रिभुवन दास ब्रह्मचारी जी का जन्म भी ऐसे ही एक विशिष्ट उद्देश्य के साथ हुआ। इन्होंने उड़िया बाबा जी महाराज (पूज्य दयादास जी) की गुरु परंपरा का न केवल अनुकरण किया, अपितु आज अपने जीवन, चरित्र और उपदेशों द्वारा हजारों भक्तों के जीवन को आलोकित कर रहे हैं। ‘श्रीरामचरितमानस’ जिनकी श्वास है और ‘श्रीराम’ नाम जिनके रक्त में प्रवाहित होता है, ऐसे गुरुदेव के सान्निध्य में प्रकाशित यह ग्रंथ निश्चित ही पाठकों को आत्मिक शांति और आध्यात्मिक गहराई प्रदान करेगा। ग्रन्थ की प्रमुख विशेषताएं: श्रीरामचरितमानस के गूढ़ तत्वों की संतसुलभ व्याख्या अध्यात्म और जीवन-दर्शन का सुंदर समन्वय संत वाणी के अमृत तुल्य शब्द मानस साधकों और भक्तों के लिए मार्गदर्शक ग्रंथ “मानस तत्व ज्ञान एवं जीवन दर्शन” को अपने कलेवर में सजाएं और श्रीरामचरितमानस की दिव्यता को आत्मसात करें। अभी ऑर्डर करें और श्रीराम भक्ति के पथ पर एक और पवित्र कदम बढ़ाएं!









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