‘आत्म चट्टान’: आध्यात्मिकता और भक्ति का अनूठा काव्य-संग्रह
ईश्वर के प्रति सच्ची श्रद्धा और आध्यात्मिक चिंतन को यदि गहराई से समझना हो, तो डॉ. कृष्ण प्रकाश श्रीवास्तव ‘प्रकाशानंद’ द्वारा रचित ‘आत्म चट्टान’ एक बेहतरीन साहित्यिक कृति है। यह पुस्तक केवल कविताओं का संकलन नहीं, बल्कि आत्मा और परमात्मा के बीच के संवाद की एक विचारोत्तेजक यात्रा है।
📖 पुस्तक एक नज़र में
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पुस्तक का नाम: आत्म चट्टान
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विधा: आध्यात्मिक एवं भक्तिमय कविता संग्रह
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लेखक: डॉ. कृष्ण प्रकाश श्रीवास्तव ‘प्रकाशानंद’
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संपादक: पण्डित छतिश द्विवेदी ‘कुंठित’ (काशी)
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प्रकाशक: स्याही प्रकाशन, वाराणसी
✨ पुस्तक की मुख्य विशेषताएँ
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सांकेतिक और अलंकारिक भाषा: कविता की दुनिया में छायावाद और भक्ति मार्ग अपनी गहरी अलंकारिक और लाक्षणिक भाषा के लिए जाने जाते हैं। ‘आत्म चट्टान’ की कविताएँ इसी समृद्ध परंपरा को आगे बढ़ाते हुए बेहद सांकेतिक और भक्ति-भाव से ओतप्रोत हैं।
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भावनात्मक गहराई: यह संग्रह पाठकों को आध्यात्मिकता के गूढ़ संदेश देता है और जीवन के भावनात्मक पहलुओं को गहराई से छूता है।
✍️ लेखक का परिचय
डॉ. कृष्ण प्रकाश श्रीवास्तव ‘प्रकाशानंद’ साहित्य जगत का एक जाना-माना नाम हैं। वे अब तक 10 से अधिक पुस्तकें लिख चुके हैं और उनकी कई अन्य रचनाएँ जल्द ही आने वाली हैं। उनके साहित्यिक जीवन की सबसे अमूल्य और विशाल रचना ‘मानस सागर’ है, जो लगभग 1000 पृष्ठों का एक महाग्रंथ है।
🎯 यह किताब किसे पढ़नी चाहिए?
यह पुस्तक विशेष रूप से उन साहित्य प्रेमियों के लिए एक अमूल्य भेंट है जो:
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आध्यात्मिक साहित्य और भक्ति मार्ग की कविताओं को पढ़ने में गहरी रुचि रखते हैं।
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कविताओं के भावनात्मक और लाक्षणिक अर्थों का आनंद लेना जानते हैं।
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ईश्वर के प्रति गहरी भक्ति और आस्था रखते हैं, क्योंकि भक्ति-मार्ग की कविताओं का असली मर्म एक सच्चा भक्त ही समझ सकता है।








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