काव्य कृति – पार क्षितिज के
कवयित्री: डॉ० मंजु सिंह
संपादक: पण्डित छतिश द्विवेदी ‘कुण्ठित’
प्रकाशन: स्याही प्रकाशन
भाषा: हिन्दी
विधा: काव्य
“पार क्षितिज के” प्रेम, पीड़ा, संवेदना और जीवन की सूक्ष्म अनुभूतियों को अभिव्यक्त करने वाला एक भावपूर्ण हिन्दी काव्य संग्रह है। इस कृति में कवयित्री डॉ० मंजु सिंह ने मानवीय संबंधों, जीवन संघर्षों, प्रेम की कोमलता और वेदना को अत्यंत सहज, सरस और संवेदनशील भाषा में व्यक्त किया है। इस संग्रह की कविताएँ केवल भावनाओं का प्रवाह भर नहीं हैं, बल्कि वे जीवन के विविध अनुभवों से उपजी सच्चाइयों का आत्मीय दस्तावेज भी हैं। प्रेम के मधुर स्पर्श से लेकर पीड़ा की गहरी अनुभूतियों तक—यह काव्य कृति पाठक को एक ऐसे भावलोक में ले जाती है, जहाँ शब्द संवेदना बनकर हृदय को स्पर्श करते हैं। पुस्तक की विशेषता यह है कि इसमें नारी मन की अनुभूतियाँ, जीवन के यथार्थ और आत्मिक संवेदनाएँ अत्यंत सरल किन्तु प्रभावशाली शैली में अभिव्यक्त हुई हैं। यही कारण है कि यह काव्य संग्रह समकालीन हिन्दी काव्यधारा में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाता है। स्याही प्रकाशन हिन्दी साहित्य की नई और सार्थक कृतियों को पाठकों तक पहुँचाने के उद्देश्य से निरंतर कार्यरत एक प्रतिष्ठित प्रकाशन संस्था है। समकालीन लेखकों और रचनाकारों की महत्वपूर्ण कृतियों को प्रकाशित कर यह संस्था हिन्दी साहित्य की समृद्ध परंपरा को आगे बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभा रही है। डॉ० मंजु सिंह एक संवेदनशील और गंभीर रचनाधर्मी कवयित्री हैं, जिनकी रचनाओं में जीवन के यथार्थ, मानवीय भावनाओं और स्त्री मन की सूक्ष्म अनुभूतियों का प्रभावी चित्रण मिलता है। “पार क्षितिज के” उनकी रचनात्मक संवेदना का सशक्त उदाहरण है। इस कृति का संपादन वरिष्ठ साहित्यकार एवं ख्यात संपादक पण्डित छतिश द्विवेदी ‘कुण्ठित’ ने किया है। हिन्दी साहित्य और पत्रकारिता के क्षेत्र में उनकी दीर्घकालिक सक्रियता तथा साहित्यिक दृष्टि के कारण यह काव्य संग्रह और अधिक सुसंयोजित एवं प्रभावी रूप में पाठकों के सामने आया है। उनकी संपादकीय सजगता ने पुस्तक को साहित्यिक दृष्टि से परिपक्वता प्रदान की है। :: पुस्तक की विशेषताएँ- :: प्रेम और पीड़ा की भावपूर्ण कविताएँ, सरल, सहज और प्रभावशाली भाषा, नारी संवेदना और जीवन अनुभवों का सशक्त चित्रण, समकालीन हिन्दी काव्यधारा का संवेदनशील संग्रह, अनुभवी संपादकीय मार्गदर्शन में प्रकाशित कृति, :: यह पुस्तक किन पाठकों के लिए- :: हिन्दी कविता प्रेमियों के लिए, प्रेम और संवेदना की काव्य रचनाएँ पढ़ने वाले पाठकों के लिए, समकालीन हिन्दी काव्य में रुचि रखने वालों के लिए, साहित्य प्रेमियों के लिए








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