श्री बाबा गुरु चालीसा
लेखक: डॉ. कृष्ण प्रकाश श्रीवास्तव ‘प्रकाशानन्द’
प्रकाशन: स्याही प्रकाशन
भाषा: हिंदी (हिंदी-अवधी मिश्रित शैली)
विधा: आध्यात्मिक काव्य / चालीसा,
बाइंडिंग: पेपरबैक
“श्री बाबा गुरु चालीसा” एक अत्यंत भावपूर्ण और आध्यात्मिक काव्यकृति है, जिसे प्रख्यात कवि एवं साहित्यकार डॉ. कृष्ण प्रकाश श्रीवास्तव ‘प्रकाशानन्द’ ने गुरुओं के गुरु भगवान महादेव की आराधना में लिखा है। यह चालीसा न केवल एक भक्तिपूर्ण स्तुति है, बल्कि लेखक के अंतर में प्रज्ज्वलित परमात्मा के प्रति गहन प्रेम और समर्पण की साक्षात अभिव्यक्ति है। यह कृति हिंदी और अवधी भाषा की मिश्रित शैली में रची गई है, जिसमें पारंपरिक भक्ति साहित्य की आत्मा को आधुनिक काव्यशैली की नवीनता से संवारा गया है। इसमें भक्ति, ज्ञान और संगीतात्मक लय का एक अद्वितीय संगम दिखाई देता है। पुस्तक की विशेषताएँ: गुरु-परंपरा और भगवान महादेव की उपासना पर केंद्रित पहली समर्पित चालीसा। हिंदी-अवधी काव्यशैली में लिखा एक अनूठा आध्यात्मिक ग्रंथ। लेखक की अभिव्यक्तिपरक भाषा, जो सीधे पाठक के हृदय को स्पर्श करती है। आध्यात्मिक साधना, भक्ति और संत वाणी में रुचि रखने वालों के लिए विशेष उपयोगी। स्याही प्रकाशन जैसे प्रतिष्ठित संस्थान द्वारा प्रकाशित यह एक अनूठी कृति है। यह पुस्तक किसके लिए है: ईश्वर, गुरु और संत परंपरा में आस्था रखने वाले पाठक। भक्ति साहित्य, चालीसा लेखन या लोकभाषा काव्य में रुचि रखने वाले साहित्यप्रेमी। ध्यान, साधना और आत्मान्वेषण की राह पर चलने वाले आध्यात्मिक साधक। अभी ऑर्डर करें और अनुभव करें भक्ति, भाषा और भाव का अद्वितीय संगम — “श्री बाबा गुरु चालीसा” के माध्यम से!







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