📘 पुस्तक का नाम: रिश्तों का एहसास
✍ लेखक: इंजीनियर रामनरेश नरेश
✍ संपादन: पं. छतिश द्विवेदी ‘कुण्ठित’
🏷 प्रकाशन: स्याही प्रकाशन, वाराणसी
📚 श्रेणी: काव्य-संग्रह | संस्मरण | आत्मकथात्मक साहित्य 🔹 रिश्तों का एहसास — स्मृतियों में रचा-बसा प्रेम और जीवन का दस्तावेज़ रिश्तों का एहसास केवल एक काव्य संग्रह नहीं, बल्कि एक जीवंत स्मृति-संग्रह है — जिसमें लेखक इंजीनियर रामनरेश नरेश ने अपने जीवन की अमिट यादों को शब्दों में पिरोया है। यह पुस्तक उनके जीवन की प्रेरणास्रोत, उनकी धर्मपत्नी श्रीमती चंद्रावती देवी को समर्पित है, जो अब इस लोक में भौतिक रूप से उपस्थित नहीं हैं, किंतु उनकी स्मृति इस पुस्तक के हर पृष्ठ पर सजीव है। वरिष्ठ अभियंता और अधिकारी के रूप में प्रतिष्ठित रहे रामनरेश नरेश जी ने अपने निजी अनुभवों, रिश्तों की गर्माहट, और एक अद्भुत वैवाहिक जीवन की गहराइयों को आत्मीयता से काव्यात्मक रूप में प्रस्तुत किया है। यह पुस्तक पाठकों को यह अहसास कराती है कि रिश्ते सिर्फ साथ में जीने से नहीं, बल्कि एक-दूसरे को समझने और आत्मा से जुड़ने से अमर होते हैं। 📖 पुस्तक की विशेषताएँ: एक सच्चे रिश्ते की संवेदनशील अभिव्यक्ति वैवाहिक प्रेम का आत्मीय चित्रण जीवन के अविस्मरणीय पलों का काव्यात्मक दस्तावेज़ साहित्यिक सौंदर्य से परिपूर्ण काव्य इस्मारिका संपादन: पं. छतिश द्विवेदी ‘कुण्ठित’ प्रकाशन: स्याही प्रकाशन, वाराणसी — देश के ख्यात प्रकाशनों में से एक 👥 पाठकों के लिए सन्देश: जो पाठकगण लेखक के जीवन, प्रेम और रिश्तों की सच्ची अनुभूतियों को समझना चाहते हैं, उनके लिए रिश्तों का एहसास एक मार्मिक और प्रेरक अनुभव बनकर उभरती है। 🔖 यह पुस्तक उन सभी के लिए है जो रिश्तों को सिर्फ निभाना नहीं, महसूस भी करना चाहते हैं। 📦 अभी ऑर्डर करें और जीवन के सच्चे एहसासों की यात्रा पर निकलें।







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